कार की डिक्की में फँसा एक लड़का, मौत के करीब। पति मार्कस अपनी प्रेमिका के बच्चे का नकली पिता बनता है। क्लारा को पागल झूठी कहकर टाल दिया जाता है, मगर वह कार तोड़कर देखती है—उसका बेटा कोमा में है। अब वह बदला चाहती है। क्रूर सच्चाई: प्रेमिका ठग है, बच्चा किसी और का, और मार्कस बहुत देर से समझता है कि उसने अपने ही खून को लगभग मार डाला था।